कॉकरोच जनता पार्टी | जहाँ अंधेरा, वहीं हमारा बसेरा

कॉकरोच जनता पार्टी: अंधेरे से निकलती राजनीति का नया चेहरा प्रस्तावना जब व्यवस्था की दीवारों पर धूल जमने लगती है, जब फाइलों के बीच सच्चाई दब जाती है, जब जनता की आवाज़ केवल भाषणों तक सीमित रह जाती है — तब किसी न किसी रूप में विरोध जन्म लेता है। इसी विरोध की व्यंग्यात्मक कल्पना … Continue reading कॉकरोच जनता पार्टी | जहाँ अंधेरा, वहीं हमारा बसेरा